Eswari Sree Sree Bhabani Mata Hi Kebolom

Shakti-Peeth Bhabanipur - The International Hindu Pilgrimage Site

जय़ काली माँ।। ॐ क्रीं कालिकायै नमः।। ॐ सर्बमङ्गल मङ्गल्य़े शिबे सर्बार्थ साधिके शरण्य़े त्र्य़म्बके गौरी नाराय़णी नमोहस्तुते। ॐ सृष्टि-स्थिति-बिनाशानां शक्तिभूते सनातनी। गुणाश्रय़े गुणमय़े नाराय़णी नमोहस्तुते। जय़न्ती मङ्गलाकाली भद्राकाली कपालीनि दुर्गाशिबा क्षमाधात्री स्बहास्बधा नमोहस्तुते। ॐ शरणागत दीनार्त परित्राण पराय़णे सर्बस्य़ार्तिहरे देबी नाराय़णी नमोहस्तुते।। करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं । विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय़ जय़ करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो ॥ ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।। मृत्युञ्जयाय रुद्राय़ नीलकन्ताय शंभवे अमृतेषाय़ सर्वाय़ महादेवाय़ ते नमः।। ॐ नमः शिवाय़ ।। यया देबी सर्ब्बभूतेषु बिष्णुमाय़ेति शब्दिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु चेतनेत्य़भिधीय़ते। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु छाय़ारूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु बृत्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु दय़ारूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।। या देबी सर्ब्बभूतेषु भ्रान्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमस्तस्य़ै नमो नमः।।